आया तो है जग में, कुछ भिन्न करने औरों से,पर...| समय अश्व उड़ा जा रहा, जैसे निकल आएँ हो उसके पर. निद्रा त्याग,उठ-जाग मेरे बंधु, न सोया रह निश्चिन्त,सुख सेज पर.
✍अशोक नेताम"बस्तरिया" 📞9407914158
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